मुगलसराय में मजदूर, मशीन और मलवा का जलवा
जनपद की एक मात्र शहर इस समय परिवर्तन की दौर से गुजर रही है। पिछले पांच दिनों से जीटी रोड के दोनों पटरियों के किनारे स्थित दुकानों और मकानों को सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्त किया जा रहा है। जिससे सड़क पर मलवा इकट्ठा हो गया है। प्रशासन की चेतावनी के बाद लोग खुद अपने आशियानों और दुकानों को तोड़ने और तुड़वाने में लगे हैं।ऐसे में मशीन और मजदूरों की मांग बढ़ती जा रही है। लोगों का धन और दौलत दोनों जा रही ह
चंदौली

12:33 PM, May 4, 2026
अतिक्रमण हटाने और तोड़ने में लगे लोग
चंदौली। जनपद की एक मात्र शहर इस समय परिवर्तन की दौर से गुजर रही है। पिछले पांच दिनों से जीटी रोड के दोनों पटरियों के किनारे स्थित दुकानों और मकानों को सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्त किया जा रहा है। जिससे सड़क पर मलवा इकट्ठा हो गया है। प्रशासन की चेतावनी के बाद लोग खुद अपने आशियानों और दुकानों को तोड़ने और तुड़वाने में लगे हैं।ऐसे में मशीन और मजदूरों की मांग बढ़ती जा रही है। लोगों का धन और दौलत दोनों जा रही है। आज अतिक्रमण हटाने का पांचवा दिन है।
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पड़ाव से लेकर गोधना तक सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है।सुभाष पार्क से जीटी आर ब्रिज तक फोर लेन के निर्माण कार्य चल रहा है।इस परियोजना को पूर्ण करने के लिए जमीन कम पड़ रही है। बताया जाता है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद नाली और पाथवे का निर्माण किया जाना है।जिसके लिए सब्जी मंडी से लेकर ब्रिज तक पटरी के दोनों किनारे जगह नहीं हैं। जगह खाली कराने के लिए प्रशासन ने नापी ,निशान और नोटिस की नीति अपनाई है।लोगों से अतिक्रमण हटाने के लिए मुनादी भी कराई थी।जब सड़क के दोनों किनारे के बसे लोग खाली नहीं किए तो प्रशासन ने 30 अप्रैल से बुलडोजर के जरिए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया इसके बाद से लोग स्वत हीं अपने आशियाने और दुकानों को तोड़ने में लगे हैं।कहीं नए तो कहीं पुराने दुकान और मकान हैं।पुराने दुकान और मकान आसानी टूट जा रहे हैं लेकिन नए मकान और दुकान तोड़े जाने में मशक्कत लग रहा है।जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं वह धीरे धीरे स्वत तोड़ने में लगे है।जबकि आर्थिक रूप से सक्षम लोग ठेके और मजदूर के जरिए तोड़वाने का कार्य कर रहे हैं ।इससे मजदूर और मशीन की मांग बढ़ गई है।चाव दिनों से तोड़ फोड़ के चलते सड़क पर मलवा एकत्र हो गया है।
अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान मजदूर, मशीन और मलबे का प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। यह केवल निर्माण तोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद की चुनौतियां ज्यादा गंभीर होती हैं। संकरी गलियों या जर्जर इमारतों को तोड़ते समय मजदूरों की जान का जोखिम बना रहता है। मलबे के नीचे दबने या घायल होने का डर रहता है। अवैध निर्माण को इस तरह से तोड़ना कि आसपास के वैध निर्माण को नुकसान न हो, इसके लिए कुशल मजदूरों की आवश्यकता होती है। जो अक्सर उपलब्ध नहीं होते। जीटी रोड के दोनों पटरियों के किनारे सैकड़ों दुकान और मकान हैं। अग्र भाग तोड़ने से सड़क पर मलवा बिखरा है।वहीं भवन को तोड़ने के लिए ड्रिल मशीन की मांग बढ़ गई है।वहीं बड़े बड़े हथौड़े का भी प्रयोग किया जा रहा है।इसको चलने और मकान को तोड़ने के लिए मजदूर भी तलाशे जा रहे हैं।मजदूरों ने भी अपना चार्ज बढ़ा दिया है।रात दिन कार्य किया जा रहा है। जो भी हो नगर में मजदूर ,मशीन और मलवा का ढेर लगा है।
