मुसाखाड़ गांव को ब्लाक मुख्यालय शहाबगंज से जोड़ने वाला रपटा क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों का प्रदर्शन
शहाबगंज। विकास खंड क्षेत्र के मुसाखाड़ गांव को ब्लाक मुख्यालय शहाबगंज से जोड़ने वाला रपटा बीते छह माह से क्षतिग्रस्त हालत में है। बांध से छोड़े गए पानी के तेज बहाव में रपटा क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन इतने समय बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। रपटा की बदहाल स्थिति से आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को मौके पर प्रदर्शन कर संबंधित विभागों के खिलाफ नाराजगी जताई।
शहाबगंज, चंदौली

6:20 PM, Feb 7, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सशहाबगंज। विकास खंड क्षेत्र के मुसाखाड़ गांव को ब्लाक मुख्यालय शहाबगंज से जोड़ने वाला रपटा बीते छह माह से क्षतिग्रस्त हालत में है। बांध से छोड़े गए पानी के तेज बहाव में रपटा क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन इतने समय बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। रपटा की बदहाल स्थिति से आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को मौके पर प्रदर्शन कर संबंधित विभागों के खिलाफ नाराजगी जताई।
ग्रामीण चन्दन सेठ, प्रमोद कुमार, पप्पू,फेरु,शतीष प्रशाद, कमलेश यादव,पांचू बनवासी का कहना है कि यह रपटा मुसाखाड़ समेत आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए ब्लाक मुख्यालय तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग है। रपटा क्षतिग्रस्त होने के बाद रास्ता पूरी तरह उबड़-खाबड़ हो गया है। छोटे वाहनों, दोपहिया और साइकिल से गुजरने वालों को हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रपटा क्षतिग्रस्त होने की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन न तो सिंचाई विभाग और न ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इसकी मरम्मत कराने की जहमत उठाई। विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर मामले को टालते रहे, जिससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती चली जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि रपटा खराब होने से स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। आपात स्थिति में एंबुलेंस या अन्य जरूरी वाहन गांव तक पहुंचने में समस्या होती है।
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ग्रामीणों ने प्रदर्शन के दौरान मांग की कि जल्द से जल्द रपटा की मरम्मत कराई जाए, ताकि आवागमन सुरक्षित हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
