यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था खत्म, 3.5 करोड़ उपभोक्ताओं को राहत
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों और तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को हर माह की खपत के अनुसार बिल भेजा जाएगा, जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करना होगा। बिल एक से 30 तारीख के बीच की खपत पर आधारित होगा और अगले 10 दिनों में एसएमएस या व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
लखनऊ

9:34 PM, May 4, 2026
अब सभी मीटर पोस्टपेड की तरह करेंगे काम, मासिक बिल व्यवस्था बहाल
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को यह घोषणा की। अब राज्य में लगे सभी स्मार्ट मीटर भी सामान्य पोस्टपेड मीटर की तरह कार्य करेंगे।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों और तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को हर माह की खपत के अनुसार बिल भेजा जाएगा, जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करना होगा। बिल एक से 30 तारीख के बीच की खपत पर आधारित होगा और अगले 10 दिनों में एसएमएस या व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में माह के भीतर बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। साथ ही जिन उपभोक्ताओं पर पूर्व का बकाया है, उन्हें 10 किस्तों में भुगतान करने की सुविधा दी गई है।
Advertisement
गौरतलब है कि प्रदेश में लगभग 3.5 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब 75 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए थे। इन मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं में व्यापक असंतोष था। मीटर तेज चलने, अचानक बिजली कटने और रिचार्ज के बाद भी आपूर्ति बाधित रहने जैसी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले में नाराजगी जताते हुए जांच के निर्देश दिए थे। लगातार विरोध और उपभोक्ता संगठनों के दबाव के बाद सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है।
उपभोक्ता परिषद ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे आम जनता के हित में बताया है और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।
