बाढ़ प्रबंधन योजना की तैयारियों की समीक्षा, समय से पूरे हों सभी प्री-मानसून कार्य: जिलाधिकारी
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ से पूर्व की तैयारियां (प्री-मानसून गतिविधियां) समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने तटबंधों, कटाव-रोधी कार्यों तथा नहरों की सिल्ट सफाई का पूर्व-मानसून निरीक्षण कर कमजोर स्थानों की समय रहते मरम्मत कराने पर विशेष जोर दिया।
चंदौली

7:19 PM, Apr 17, 2026
चंदौली। जनपद में संभावित बाढ़ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में वर्ष 2026-27 के लिए बाढ़ प्रबंधन योजना की स्टीयरिंग ग्रुप बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ से पूर्व की तैयारियां (प्री-मानसून गतिविधियां) समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने तटबंधों, कटाव-रोधी कार्यों तथा नहरों की सिल्ट सफाई का पूर्व-मानसून निरीक्षण कर कमजोर स्थानों की समय रहते मरम्मत कराने पर विशेष जोर दिया।
अधिशासी अभियंता चंद्र प्रभा ने बैठक में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील तटबंधों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि चंद्रप्रभा, गढ़ई नदी, गुरैनी तथा भोका बंधी सहित अन्य तटबंधों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। जिलाधिकारी ने वर्ष 2026-27 में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों तथा पिछले वर्ष बाढ़ से प्रभावित गांवों और तटबंधों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
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बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने चंद्र प्रभा परियोजना, सिंचाई विभाग, जिला पूर्ति विभाग, चिकित्सा विभाग, पशुपालन विभाग, पंचायती राज विभाग, कृषि विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा शिक्षा विभाग से बाढ़ के दौरान किए जाने वाले कार्यों और उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों और विभिन्न क्षेत्रों में स्थित नालों एवं ड्रेनेज की साफ-सफाई पहले ही करा ली जाए, ताकि जल जमाव की समस्या न उत्पन्न हो। साथ ही नहरों और जल निकासी मार्गों से सिल्ट की सफाई सुनिश्चित करने तथा उसका सत्यापन कराने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के अंतर्गत भी जल निकासी और सफाई से जुड़े कार्य कराए जाएं। बाढ़ बचाव से संबंधित सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री की खरीद से संबंधित सभी निविदा प्रक्रियाएं 15 जून से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपयोग किया जा सके।
