जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक सम्पन्न, कार्यों में शिथिलता पर जताई नाराजगी
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन गांवों में पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां मरम्मत कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा कराया जाए तथा निरीक्षण कर उसकी फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि मरम्मत कार्यों की स्थलीय निगरानी तकनीकी टीम द्वारा की जाए और संबंधित निर्माण एजेंसियां कार्य पूर्ण होने की लिखित सूचना अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
चंदौली

10:07 PM, Apr 9, 2026
चन्दौली। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन गांवों में पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां मरम्मत कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा कराया जाए तथा निरीक्षण कर उसकी फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि मरम्मत कार्यों की स्थलीय निगरानी तकनीकी टीम द्वारा की जाए और संबंधित निर्माण एजेंसियां कार्य पूर्ण होने की लिखित सूचना अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
समीक्षा के दौरान निर्माण एजेंसियों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन एजेंसियों द्वारा कार्यों में देरी की जा रही है, उनके खिलाफ नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकियों की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या घटिया सामग्री का उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि योजना के कार्यों में कोई अनावश्यक बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
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उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मिशन के तहत कराए गए कार्यों का गठित टीम के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। टीम यह भी जांचे कि पाइपलाइन बिछाने के बाद कितनी सड़कों का निर्माण शेष है, कितने घरों में नल कनेक्शन दिया जा चुका है तथा किन स्थानों पर पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। निरीक्षण की रिपोर्ट प्रतिदिन शाम तक फोटो सहित उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर वह स्वयं भी बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण करेंगे और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है, जिसे सुधारने के लिए अधिकारियों को प्रभावी रणनीति बनाकर कार्य करना होगा।
