बाबा कीनाराम जी की जन्मस्थली के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू, पुराने जर्जर भवन के मलबे की सफाई
रामगढ़ गांव में स्थित बाबा कीनाराम जी की जन्मस्थली( पैतृक भवन) पर लंबे समय से जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुके पुराने भवन के मलबे की सफाई कर पुनः व्यवस्थित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह पहल बाबा कीनाराम जी के परिवार के लोगों द्वारा की जा रही है, जिसमें गांव के समाजसेवियों और श्रद्धालुओं का भी सहयोग मिल रहा है।
चहनिया, चंदौली

बाबा कीनाराम जी की जन्मस्थली के जीर्णोद्धार कार्य को दिखाते समाजसेवी त्रिभुवन सिंह
8:50 AM, Mar 11, 2026
सुधींद्र पांडेय
जनपद न्यूज़ टाइम्सचहनिया। क्षेत्र के रामगढ़ गांव में स्थित बाबा कीनाराम जी की जन्मस्थली( पैतृक भवन) पर लंबे समय से जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुके पुराने भवन के मलबे की सफाई कर पुनः व्यवस्थित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह पहल बाबा कीनाराम जी के परिवार के लोगों द्वारा की जा रही है, जिसमें गांव के समाजसेवियों और श्रद्धालुओं का भी सहयोग मिल रहा है।
जन्मस्थली परिसर में वर्षों से खड़े एक विशालकाय पीपल के पेड़ और जर्जर भवन के कारण परिसर काफी अव्यवस्थित हो गया था। गांव के समाजसेवी त्रिभुवन सिंह के प्रयास से जेसीबी मशीन लगवाकर उस पेड़ को हटवाया गया और पूरे परिसर की साफ-सफाई कराई गई। इसके बाद अब जन्मस्थली स्थल को व्यवस्थित और विकसित करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
परिवार के मदनमोहन सिंह, बालमोहन सिंह और धरणीधरण सिंह द्वारा यहां मंदिर निर्माण, एक बड़ा हाल (हॉल) तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हैंडपंप सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कराने की योजना बनाई गई है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके और यह पवित्र स्थल अधिक व्यवस्थित रूप में विकसित हो सके।
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लोकनाथ महाविद्यालय के प्रबंधक एवं बाबा कीनाराम जी के वंशज धनंजय सिंह ने बताया कि यह पुराना घर बाबा कीनाराम जी के जन्मकाल का है और अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को शांति की अनुभूति होती है तथा दर्शन मात्र से ही लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
इस पुनीत कार्य में धनंजय सिंह,प्रभुनारायण सिंह लल्ला,प्रदीप कुमार सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता समित सिंह,त्रिभुवन सिंह,युवा अध्यक्ष उमेश सिंह, प्रभुनाथ पांडेय, जय सिंह, अमित सिंह और गुड्डू सिंह सहित कई लोग अपना समय और सहयोग दे रहे हैं। सभी लोग मिलकर जन्मस्थली के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
