नहीं रहीं सुरों की मल्लिका आशा भोसले, 92 वर्ष की आयु में निधन
महान गायिका आशा भोसले के निधन पर देशभर में शोक की लहर है। पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुंबई के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने गहरा दुख जताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी
नई दिल्ली

3:31 PM, Apr 12, 2026
राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री सहित दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि, संगीत जगत में शोक की लहर
नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय संगीत जगत के लिए रविवार का दिन अत्यंत दुखद रहा। सुरों की मल्लिका और महान पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है और संगीत जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले के जाने से संगीत जगत में ऐसा शून्य उत्पन्न हुआ है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उनकी मधुर वाणी और अद्वितीय गायन सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारतीय संगीत की अत्यंत प्रतिष्ठित और बहुमुखी स्वर साधिका बताते हुए कहा कि उनके गीतों ने न केवल देश, बल्कि विश्व भर में असंख्य लोगों के हृदय को स्पर्श किया।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित अनेक प्रमुख नेताओं ने उनके निधन को संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी शोक संवेदना व्यक्त की।
आशा भोसले ने अपने दीर्घ संगीत जीवन में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी। उन्होंने हिन्दी, मराठी, बंगाली, गुजराती, तमिल सहित अनेक भाषाओं में गीत गाकर संगीत जगत में अमिट छाप छोड़ी। ‘नया दौर’, ‘तीसरी मंजिल’, ‘उमराव जान’ और ‘रंगीला’ जैसी फिल्मों के गीतों को उन्होंने अपनी मधुर आवाज से अमर बना दिया।
उनकी स्वर साधना, बहुमुखी प्रतिभा और संगीत के प्रति समर्पण उन्हें सदैव अमर बनाए रखेगा। उनका जाना भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत माना जा रहा है।
