धान की सीधी बुआई (डीएसआर) को बढ़ावा, किसानों से जुड़ने की अपील
धान की सीधी बुआई (डीएसआर) पद्धति को बढ़ावा देने के लिए सरकार का विशेष ध्यान है और इस बार इसका लक्ष्य भी अधिक रखा गया है। खास बात यह है कि इस बार खेती अंतरराष्ट्रीय राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI) के वैज्ञानिकों की देखरेख में कराई जाएगी।
चंदौली

5:24 PM, Mar 31, 2026
चंदौली। धान की सीधी बुआई (डीएसआर) पद्धति को बढ़ावा देने के लिए सरकार का विशेष ध्यान है और इस बार इसका लक्ष्य भी अधिक रखा गया है। खास बात यह है कि इस बार खेती अंतरराष्ट्रीय राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI) के वैज्ञानिकों की देखरेख में कराई जाएगी।
जानकारी के अनुसार वैज्ञानिकों की टीम किसानों के खेतों का नियमित निरीक्षण करेगी और कम से कम सप्ताह में एक बार खेत पर पहुंचकर खेती से जुड़ी तकनीकी सलाह देगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि डीएसआर पद्धति से पारंपरिक रोपाई की तुलना में अधिक उत्पादन मिलने के साथ-साथ लागत भी कम होगी।
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बताया गया कि इस योजना के लिए जनपद में केवल धानापुर और चहनिया ब्लॉक का ही चयन किया गया है। ऐसे में क्षेत्र के किसानों के लिए यह एक अच्छा अवसर माना जा रहा है।
शिवानंदम फॉर्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी खड़ान के निदेशक रमेश सिंह ने बताया कि जो किसान इस योजना में शामिल होना चाहते हैं, वे जल्द से जल्द संपर्क करें, ताकि उनका नाम सूची में शामिल किया जा सके। उन्होंने किसानों से अपील की कि इस नई तकनीक का लाभ उठाकर उत्पादन और आय बढ़ाने का प्रयास करें।
