मनरेगा NMMS ऐप में बदलाव से शहाबगंज ब्लॉक में मजदूरों की संख्या में भारी गिरावट
शहाबगंज। शहाबगंज ब्लॉक में मनरेगा कार्यों को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत हाजिरी दर्ज करने वाले NMMS ऐप में हुए बदलाव के बाद मजदूरों की उपस्थिति में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है।
शहाबगंज, चंदौली

10:07 PM, Mar 2, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सशहाबगंज। शहाबगंज ब्लॉक में मनरेगा कार्यों को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत हाजिरी दर्ज करने वाले NMMS ऐप में हुए बदलाव के बाद मजदूरों की उपस्थिति में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 मार्च को शहाबगंज ब्लॉक में 109 कार्यों पर कुल 3571 मजदूर कार्यरत थे। विभिन्न ग्राम पंचायतों में तालाब खुदाई, सड़क मरम्मत, समतलीकरण और अन्य विकास कार्यों में बड़ी संख्या में श्रमिक लगे हुए थे।
लेकिन 2 अप्रैल को जैसे ही NMMS ऐप में नई व्यवस्था लागू हुई, स्थिति पूरी तरह बदल गई। कार्यों की संख्या घटकर मात्र 14 रह गई और मजदूरों की संख्या सिमटकर सिर्फ 70 तक पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि पहले हाजिरी दर्ज करते समय केवल मजदूरों की संख्या दर्ज की जाती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत कार्यस्थल पर मौजूद प्रत्येक मजदूर की आंखों की फोटो (फेस ऑथेंटिकेशन) खींचकर उपस्थिति दर्ज की जाएगी। इस प्रक्रिया में मोबाइल ऐप के माध्यम से रियल टाइम फोटो अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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अचानक आई इस गिरावट से जहां मजदूरों में असमंजस की स्थिति है, वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर भी हलचल मची हुई है। कई श्रमिकों का कहना है कि नई प्रक्रिया की जानकारी और तकनीकी व्यवस्था पूरी तरह समझ में नहीं आ पा रही है, जिसके कारण काम प्रभावित हो रहा है। कुछ स्थानों पर नेटवर्क समस्या और तकनीकी दिक्कतें भी सामने आ रही हैं।
इस मामले में आईपीएफ नेता अजय राय ने कहा कि नई व्यवस्था से फर्जी मजदूरों की संख्या में कमी आएगी और वास्तविक लाभार्थियों को ही काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले कई स्थानों पर कागजी हाजिरी के आधार पर गड़बड़ी की शिकायतें मिलती थीं, लेकिन अब फोटो आधारित उपस्थिति से पारदर्शिता बढ़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि प्रारंभिक चरण में तकनीकी समस्याएं सामने आ सकती हैं, जिन्हें जल्द दूर किया जाना चाहिए।
वहीं एपीओ राजन सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की गई है और इसका उद्देश्य मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना है। मजदूरों को नई प्रणाली के प्रति जागरूक किया जा रहा है और शीघ्र ही समस्याओं से निजात मिल जाएगी।
