गैस की किल्लत से लोग बढ़े पारम्परिक ईंधन की ओर
देश में जारी एलपीजी गैस की किल्लत के कारण ईंधन के लिए लोग कोयला, लकड़ी और अन्य ठोस ईंधनों का उपयोग करने को मजबूर हैं, जिससे वायु प्रदूषण में भारी वृद्धि हुई है। इस स्थिति के कारण रिहायशी इलाकों में धुएं से सांस लेने में समस्या बढ़ रही है और कई शहरों में एक्यूआई खराब हो गया है।

10:23 AM, Mar 15, 2026
धुंआ से प्रदूषण में हो रहा इजाफा
चंदौली। ईरान अमेरिका और इजरायल के बीच हो रहे युद्ध का असर भारत पर पड़ा है।जिससे ईंधन के लिए मारामारी हो रही है। एल पी जी गैस के लिए लोग परेशान हो रहे हैं।जनपद में इंडेन,एच पी और भारत गैस की आपूर्ति के लिए कई एजेंसियां हैं।गैस संकट के कारण लोगों को समय से बुकिंग नहीं हो रही है। राम नवमी और ईद का पर्व नजदीक हैं।शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में हाहाकार मच रहा है।गैस के जरिए ही चाय ,मिठाई होटल, चाट पकौड़े,होटल और रेस्तरां चलते है।जिससे कि खाद्य सामग्री बन सके। व्यवसायिक गैस मिल नहीं रहा है।लोग अब पारंपरिक ईंधनों पर निर्भर होने लगे हैं।जिसमें कोयला,उपले,लकड़ी जलाकर भोजन पानी प्रबंध किया जा रहा है। धुएं के कारण प्रदूषण में वृद्धि देखी जा रही है। आसमान में धुएं जैसी धुंध छाई हुई है।
देश में जारी एलपीजी गैस की किल्लत के कारण ईंधन के लिए लोग कोयला, लकड़ी और अन्य ठोस ईंधनों का उपयोग करने को मजबूर हैं, जिससे वायु प्रदूषण में भारी वृद्धि हुई है। इस स्थिति के कारण रिहायशी इलाकों में धुएं से सांस लेने में समस्या बढ़ रही है और कई शहरों में एक्यूआई खराब हो गया है।
गैस की कमी और प्रदूषण का संकट:
वैकल्पिक ईंधन का उपयोग: गैस न मिलने के कारण लोग मजबूरी में लकड़ी और कोयला जला रहे हैं, जिससे वातावरण में हानिकारक धुआं और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ गई है।लकड़ी-कोयले के धुएं से निकलने वाले पार्टिकुलेट मैटर (PM) फेफड़ों और श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियां पैदा कर रहे हैं।
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गैस की कमी से होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट्स बंद होने की कगार पर हैं।
जनपद में बढ़ते रसोई गैस की किल्लत के चलते कई परिवार फिर से खाना पकाने के पारंपरिक ईंधनों का रुख कर रहे हैं।ये ईंधन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं ।
खाना पकाने के पारंपरिक ईंधनों से बढ़ने वाले प्रदूषण के डर के बीच जानकार टीबी जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी का डर भी जता रहे हैं।टीबी से पीड़ित महिलाओं को ज्यादातर डॉक्टर एलपीजी गैस पर ही खाना बनाने की सलाह देते हैं।
