तेज आंधी के साथ हुई, बूंदाबांदी किसान परेशान
लगातार बदलते मौसम के बीच बुधवार की देर शाम तेज आंधी के साथ गरज-चमक और हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गईं। अचानक आए मौसम परिवर्तन का सबसे अधिक असर आम की फसल पर पड़ा है। तेज हवा और बिजली की गड़गड़ाहट के बीच कई बागों में आम के छोटे फल और मंजरियां टूटकर जमीन पर गिर गईं, जिससे बागवानों को नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि इस समय आम के फल बढ़वार की अवस्था में हैं और तेज
शहाबगंज, चंदौली

5:52 PM, Apr 29, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सशहाबगंज। लगातार बदलते मौसम के बीच बुधवार की देर शाम तेज आंधी के साथ गरज-चमक और हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गईं। अचानक आए मौसम परिवर्तन का सबसे अधिक असर आम की फसल पर पड़ा है। तेज हवा और बिजली की गड़गड़ाहट के बीच कई बागों में आम के छोटे फल और मंजरियां टूटकर जमीन पर गिर गईं, जिससे बागवानों को नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि इस समय आम के फल बढ़वार की अवस्था में हैं और तेज हवा से उनके गिरने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
वहीं दूसरी ओर, गेहूं की कटाई के बाद बेचने के लिए खलिहान में रखी उपज को बचाने के लिए किसान देर रात तक जुटे रहे। बूंदाबांदी शुरू होते ही किसानों में अफरा-तफरी मच गई और वे तिरपाल, प्लास्टिक शीट तथा अन्य साधनों से गेहूं को ढकने में लग गए। कई किसानों ने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, ताकि बारिश से फसल खराब न हो।
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किसानों ने बताया कि यदि बारिश तेज हो जाती तो गेहूं की उपज भीगने से भारी नुकसान हो सकता था, जिससे बाजार में बिक्री पर असर पड़ता। मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए किसान अपनी फसलों और उपज को सुरक्षित रखने के लिए पहले से आवश्यक इंतजाम कर लें।
