आईएसपीएल में दमदार प्रदर्शन के बाद घर लौटे अंकित यादव, हुआ भव्य स्वागत
शहाबगंज। क्षेत्र के भोड़सर गांव की कच्ची गलियों से निकलकर देश की प्रतिष्ठित क्रिकेट लीग इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (आईएसपीएल) तक पहुंचने वाले अंकित यादव आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा और उम्मीद का प्रतीक बन चुके हैं। आईएसपीएल का फाइनल मुकाबला सूरत (गुजरात) में संपन्न होने के बाद जब अंकित रविवार को अपने गांव लौटे, तो विकास खंड मुख्यालय पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और नारों के साथ उ
शहाबगंज, चंदौली

3:53 PM, Feb 8, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्स‘टाइगर ऑफ कोलकाता’ ने 6.5 लाख की बोली लगाकर जताया था भरोसा
फास्ट बॉलर के रूप में चयन, गांव से राष्ट्रीय मंच तक का प्रेरणादायक सफर
शहाबगंज। क्षेत्र के भोड़सर गांव की कच्ची गलियों से निकलकर देश की प्रतिष्ठित क्रिकेट लीग इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (आईएसपीएल) तक पहुंचने वाले अंकित यादव आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा और उम्मीद का प्रतीक बन चुके हैं। आईएसपीएल का फाइनल मुकाबला सूरत (गुजरात) में संपन्न होने के बाद जब अंकित रविवार को अपने गांव लौटे, तो विकास खंड मुख्यालय पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
फाइनल मुकाबले में अंकित यादव ने तेज गेंदबाज के रूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो अहम विकेट चटकाए। हालांकि उनकी टीम ‘टाइगर ऑफ कोलकाता’ खिताब अपने नाम नहीं कर सकी, लेकिन अंकित की धारदार गेंदबाजी ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह युवा खिलाड़ी लंबे समय तक क्रिकेट मैदान पर अपनी पहचान बनाए रखने की क्षमता रखता है।
एक साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की लीग में अपनी पहचान बनाना कक्षा 12 में अध्ययनरत इस युवा खिलाड़ी के लिए किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। अंकित की सफलता के पीछे संघर्ष, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत की प्रेरणादायक कहानी छिपी है। कम उम्र में पिता नरेंद्र यादव के निधन से जीवन में आए कठिन दौर ने उसे तोड़ने के बजाय और अधिक मजबूत बनाया। इस कठिन समय में उसके दादा कतवारू यादव उसके लिए पिता समान बने और हर कदम पर उसका मार्गदर्शन किया।
अंकित की क्रिकेट यात्रा ने असली गति तब पकड़ी, जब उसके दादा ने उसे वाराणसी के सिगरा स्टेडियम में प्रशिक्षण के लिए भेजा। गांव से शहर तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन उसकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने जल्द ही उसे अलग पहचान दिलाई। उसकी तेज रफ्तार, स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ ने कोचों और चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया।
आईएसपीएल ट्रायल में भी अंकित ने अपने कौशल और आत्मविश्वास से सभी को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप मिनी नीलामी में ‘टाइगर ऑफ कोलकाता’ फ्रेंचाइजी ने उस पर 6.5 लाख रुपये की बोली लगाकर उसके उज्ज्वल भविष्य पर भरोसा जताया।
